शनिवार वाड़ा पुणे का ऐतिहासिक महल-किला है, जो पेशवाओं के मुख्यालय के रूप में काम करता था। बाजीराव प्रथम ने इसे 1736 में बनवाया था। यह अपनी किलेबंद दीवारों और दरवाज़ों के लिए जाना जाता है। परिसर में कई नामी हिस्से आज भी मौजूद हैं।
- जगह: पुणे का पुराना शहर।
- खुलने का समय: रोज़ खुला रहता है
- टिकट: प्रवेश शुल्क और टिकट की शर्तों की ताज़ा जानकारी आधिकारिक वेबसाइट से लें।
- आसपास के दर्शनीय स्थल: दगडूशेठ हलवाई गणपति मंदिर, लाल महल, राजा दिनकर केलकर संग्रहालय और पातालेश्वर गुफा मंदिर।
शनिवार वाड़ा क्या है?

शनिवार वाड़ा पुणे का महल-किला है, जो कभी पेशवाओं का मुख्यालय हुआ करता था। पुणे ज़िला प्रशासन की वेबसाइट के अनुसार, इसका निर्माण 1736 में हुआ था, जब बाजीराव प्रथम ने इसे बनवाया।
1828 में लगी आग में महल नष्ट हो गया। इसकी किलेबंद दीवारें और दरवाज़े आज भी मौजूद हैं, जो पुणे के ऐतिहासिक स्थलों में इसे अलग पहचान देते हैं। आप किले को पुराने शहर की सैर में भी शामिल कर सकते हैं, जैसे कि यह पुणे में एक दिन की यात्रा-योजना।
यहाँ क्या देख सकते हैं?

शनिवार वाड़ा के बचे हुए दरवाज़े और महल के नामी हिस्से यहाँ के मुख्य आकर्षणों में शामिल हैं। दिल्ली दरवाज़ा मुख्य प्रवेश द्वार है; बाकी दरवाज़े गणेश, मस्तानी, जांभुल और खिड़की हैं।
पुणे ज़िला प्रशासन की वेबसाइट परिसर की खासियतों में गणेश महल, रंग महल, आरसा महल, हस्तीदंत महल, दीवानखाना और एक फव्वारे का भी ज़िक्र करती है। पेशवा इतिहास पर रोशनी और संगीत का कार्यक्रम रोज़ आयोजित किया जाता है, लेकिन इसकी योजना बनाने से पहले जानकारी की पुष्टि कर लें।
शनिवार वाड़ा कैसे पहुँचें?

शनिवार वाड़ा पुणे के पुराने शहर में है। पुणे ज़िला प्रशासन की वेबसाइट के अनुसार, पुणे स्टेशन इसका सबसे नज़दीकी रेलवे स्टेशन है। यह स्थल स्टेशन से 3–4 किमी दूर है। पुणे को निकटतम हवाई अड्डे के रूप में भी बताया गया है।
शनिवार वाड़ा होटल फ़ीनिक्स से लगभग 6.2 किमी दूर है, जो पुणे का तीन सितारा होटल है।
समय, टिकट और आगंतुकों के नियम क्या हैं?

खुलने के समय और प्रवेश की व्यवस्था में बदलाव हो सकता है, इसलिए जाने से पहले आधिकारिक वेबसाइट देख लें।
खुलने का समय
- सोमवार से रविवार: 9:30–17:00
आख़िरी बार नवंबर 2026 में जाँचा गया। छुट्टियों और विशेष आयोजनों के दौरान समय बदल सकता है।
उद्धृत आगंतुक जानकारी में प्रवेश शुल्क और टिकट के विकल्पों का लगातार उल्लेख नहीं मिलता। पुराने टिकट उदाहरण पर भरोसा करने के बजाय निकलने से पहले मौजूदा शुल्क और शर्तों की पुष्टि कर लें। पुणे ज़िला प्रशासन की वेबसाइट रोज़ होने वाले रोशनी और संगीत के कार्यक्रम का भी ज़िक्र करती है, लेकिन उसका समय नहीं बताती।
शनिवार वाड़ा के साथ पुणे के किन दर्शनीय स्थलों को देख सकते हैं?
दगडूशेठ हलवाई गणपति मंदिर शनिवार वाड़ा से कुछ ही कदम की दूरी पर है, जबकि लाल महल 800 metres दूर है। पुराने शहर में समय बिताते हुए इन जगहों को साथ देखना आसान है।
राजा दिनकर केलकर संग्रहालय भी पास का एक दर्शनीय स्थल है, और पातालेश्वर गुफा मंदिर किले से लगभग 2 किमी दूर है। पुणे के पुराने शहर के बाज़ारों की गाइड में तुलशीबाग, मंडई और लक्ष्मी रोड की जानकारी है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
शनिवार वाड़ा किसने बनवाया था?
बाजीराव प्रथम ने 1736 में शनिवार वाड़ा बनवाया था। बाद में यह पेशवाओं का मुख्यालय बना।
मुख्य प्रवेश द्वार कौन-सा है?
दिल्ली दरवाज़ा मुख्य प्रवेश द्वार है। गणेश, मस्तानी, जांभुल और खिड़की अन्य नामी दरवाज़े हैं।
क्या शनिवार वाड़ा रविवार को खुला रहता है?
रोज़ खुला रहता है। खुलने की व्यवस्था में बदलाव की संभावना के चलते यात्रा से पहले आधिकारिक वेबसाइट देख लें।
